1. मुंहासे और उनसे जुड़े दाग (Acne and Marks) पिंपल्स/फुंसी (Pimples): त्वचा पर लाल, सूजन वाले दाने।ब्लैकहेड्स (Blackheads): खुले रोमछिद्रों में गंदगी और तेल जमने से बने काले बिंदु (Open Comedones)।व्हाइटहेड्स (Whiteheads): बंद रोमछिद्र, जो त्वचा के रंग के छोटे उभार होते हैं (Closed Comedones)।पस्ट्यूल्स (Pustules): मवाद से भरी फुंसियाँ, जिनके ऊपर पीला या सफेद निशान होता है।नोड्यूल्स/सिस्ट (Nodules/Cysts): दर्दनाक, गहरी और ठोस गांठें, जो ठीक होने के बाद दाग छोड़ जाती हैं।एक्ने मार्क्स (Acne Marks/PIH): पिंपल ठीक होने के बाद रह जाने वाले लाल, भूरे या काले रंग के निशान (Post-inflammatory hyperpigmentation)। 2. पिगमेंटेशन और सन स्पॉट (Pigmentation and Sun Spots) झाइयां (Freckles): सूर्य के प्रकाश के कारण होने वाले छोटे, हल्के भूरे रंग के धब्बे।मेलास्मा/छाइयां (Melasma): हार्मोनल बदलाव या गर्भावस्था के कारण गालों, माथे पर आने वाले बड़े, भूरे-धूसर पैच (इसे ‘प्रेग्नेंसी मास्क’ भी कहते हैं)।सन स्पॉट्स/एज स्पॉट्स (Sun/Age Spots): धूप के कारण त्वचा पर होने वाले सपाट, भूरे धब्बे।पिगमेंटेशन (Hyperpigmentation): मेलेनिन के अधिक उत्पादन के कारण चेहरे के कुछ हिस्सों का आसपास की त्वचा से गहरा होना। 3. अन्य प्रकार के दाग (Other Common Spots)वाइट स्पॉट्स/विटिलिगो (White Spots/Vitiligo): त्वचा पर सफेद दाग, जहाँ मेलेनिन की कमी हो जाती है।मैलिया (Milia): आँख या नाक के पास छोटे, सख्त सफेद दाने।स्किन टैग्स (Skin Tags): त्वचा के ऊपर निकले हुए छोटे, नरम उभार।चेरी एंजियोमा (Cherry Angiomas): त्वचा पर छोटे, लाल रंग के उभरे हुए धब्बे (रक्त वाहिकाओं के कारण)।चेचक के दाग (Pockmarks): चेचक या गंभीर मुंहासे ठीक होने के बाद रह गए छोटे गड्ढे। दागों के मुख्य कारण:धूप (Sun Exposure): सबसे बड़ा कारण, जो सन स्पॉट और मिलास्मा को बढ़ाता है।हार्मोन (Hormonal Changes): गर्भावस्था या पीसीओएस (PCOS) के कारण।सूजन (Inflammation): पिंपल्स को फोड़ने या त्वचा पर चोट लगने के बाद।बढ़ती उम्र (Aging): पिगमेंटेशन के धब्बे।
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